कैदी ने बताई पीडा, कहा जेल में जुल्मों का शिकार हो रहे कैदी

मेडिकल कराने आए केदी ने बताई पीडा।

कैदी ने बताई पीडा, कहा जेल में जुल्मों का शिकार हो रहे कैदी


बारां  जिला अस्पताल में मेडिकल कराने आए केदी ने बताई पीडा। केदी मुकेश गौतम ने बताया कि जेल में कैदियों पर जुल्म हो रहे हैं। प्रहरियों द्वारा मारपीट करना, पैसों की मांग करना आम बात है। बाहर के माफियाओं से इन प्रहरियों की सांठगांठ है।

ज्ञात रहे कि जिला कारागार में एक बदी के साथ जेल कर्मचारियों ने मारपीट कर चोटिल कर दिया। बंदी के हाथ-पैर आदि पर चोटे आने के बावजूद उसका अस्पताल में उपचार नहीं कराया गया। बंदी के भाई बृजेश गौतम ने बताया कि जेल में 15 जून को मेरे भाई मुकेश के साथ जेल कर्मचारियों द्वारा मारपीट की गई। इसकी जानकारी बंदी के भाई को जेल से रहे हुए एक बंदी ने बताई। रिहा हुए बंदी ने कहा कि आपके भाई को जेल में बेवजह परेशान किया जा रहा है।

भाई जेल पहुंचा तो जेल कर्मचारियों द्वारा उसे नहीं मिलने दिया गया। जेल कर्मचारियों ने कहा कि अभी बंदियों से मुलाकात बंद कर रखी है। बंदी के भाई ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव को जेल में कर्मचारियों द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। सचिव ने वीसी के माध्यम से बंदी की सुनवाई की तथा चिकित्सक से मेडिकल रिपोर्ट तलब की है। जेल में मेडिकल नहीं कराने के बावजूद कहा गया कि बंदी का मेडिकल करवा लिया गया है।

बाहर के माफिया से संबंध है जेल के प्रहरियो का
पीडित बंदी मुकेश गौतम ने बताया कि 15 जून को मुझे जेल में आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। जेल में नशेडी वगैर आपस में लडाई-झगडा कर रहे थे। तो मुझ पर बिस्कुट, नमकीन आदि खाने-पीने के सामान को लेकर मारपीट की गई। जेल में दो प्रहरियों का आतंक बना हुआ है। इन प्रहरियों की काॅल डिटेल निकलवाई जाए। इनके बाहर के माफियाओं से संबंध है। जेल में मेरे साथ दो बार मारपीट की जा चुकी है।

जेल में बंद पडे है सीसीटीवी कैमरे
पीडित कैदी गौतम ने बताया कि जेल में सीसीटीवी कैमरे बंद पडे हुए हैं। जेल में किसी को बोलने नहीं दिया जाता है। जेल में यह प्रहरी अपनी दादागिरी करते है। किसी की चलने नहीं देते हैं। कैमरे बंद रहने से जेल में कैदियों के साथ होने वाली घटनाएं सामने नहीं आ पाती।