जेल में प्रशासन : कोना कोना छान लिया नहीं मिला कुछ भी

जेल की तलाशी में अफसर ढूंढ नहीं पाए या कुछ मिला नहीं ! जिला प्रशासन की आकस्मिक सर्च ऑपरेशन

जेल में प्रशासन : कोना कोना छान लिया नहीं मिला कुछ भी
जेल में प्रशासन : कोना कोना छान लिया नहीं मिला कुछ भी

केंद्रीय कारागृह कोटा में फिर हुई जिला प्रशासन की आकस्मिक सर्च ऑपरेशन फ्लश आउट के तहत की गई गहन तलाशी

कोटा सेंट्रल जेल में गुरुवार  को उस वक्त  हड़कंप मच गया, जब अचानक100 पुलिसकर्मी एक साथ जेल की बैरकों में जाकर चैकिंग करने लगे। पुलिसकर्मियों ने जेल के चप्पे-चप्पे को चैक किया, लेकिन पुलिस को वहां पर किसी प्रकार की निषिद्ध सामग्री प्राप्त नहीं हुई। दरअसल, मुख्यालय कारागार राजस्थान जयपुर के ऑपरेशन फ्लश आउट के तहत यह आकस्मिक तलाशी ली गई थी। 

कारागृह महानिदेशक राजीव दासोत  की पहल पर चलाए जा रहे ऑपरेशन आउट के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मिल के निर्देश पर गुरुवार  को फिर से केंद्रीय कारागृह कोटा की आकस्मिक व सघन तलाशी ली गई।  अभियान के दौरान केंद्रीय कारागृह अधीक्षक सुमन मालीवाल ने छात्रवृत्ति प्रभारी पॉइंट संवेदनशील सुरक्षा बिंदु  का मुआयना किया एवं सुरक्षा के संबंध में विशेष बिंदुओं पर ब्रीफिंग की तलाशी में उपाधीक्षक श्रवण लाल जाट कंपनी कमांडर सुशील पुनिया नयापुरा थाना निरीक्षक भवानी सिंह, कारा पाल भंवर सिंह रवि कुमार उपकार आपाल लालचंद अर्जुन सिंह सद्दाम हुसैन सहित पुलिस आर ए सी जाप्ता 

तथा जेल गार्ड के 100 से ज्यादा जवानों द्वारा केंद्रीय कारागृह कोटा के  कैदियों और उनके सामने को खंगाला , जेल अस्पताल पुस्तकालय  खुले परिसर सहित जेल के चप्पे-चप्पे की लगभग 2 घंटे तक कोरोना  गाइडलाइन का पालन करते हुए सघन तलाशी ली।  तलाशी में आधुनिक उपकरणों एनएलजेडी एचएचएमडी मशीनों का प्रयोग किया गया तथा वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी करवाई। तलाशी में किसी प्रकार की निषिद्ध सामग्री प्राप्त नहीं हुई जिसको लेकर  उपस्थित आला अधिकारियों ने पोर्टल जेल प्रशासन के प्रबंधन की प्रशंसा की। कारागृह की बनावट सुरक्षा दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण बाहरी पॉइंट पर वॉच टावर बनाई जा कर सुरक्षा व्यवस्था प्रबल किया जाना प्रस्तावित किया गया ।वहीं कारागृह में क्षमता से अधिक बंदी होने तथा खूंखार प्रवृत्ति के अपराधियों की संख्या को देखते हुए रिक्त पदों की पूर्ति किए जाने पर जोर दिया गया।